भारतीय स्वतंत्रता का इतिहास (1857–1947): प्रमुख घटनाएं और MCQs
Written & Reviewed by Yuvraj Pratap Rajwade
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Last Updated: 21 August 2026
भारतीय स्वतंत्रता का इतिहास (1857–1947): प्रमुख घटनाएं, आंदोलन, नेता और महत्वपूर्ण तथ्य
भारतीय स्वतंत्रता का इतिहास केवल कुछ तारीखों और आंदोलनों की सूची नहीं है, बल्कि यह लगभग 90 वर्षों तक चले संघर्ष की कहानी है। 1857 के विद्रोह से लेकर 15 अगस्त 1947 को भारत की स्वतंत्रता तक अनेक आंदोलन, राजनीतिक परिवर्तन, क्रांतिकारी गतिविधियां और जनसंघर्ष हुए।
प्रतियोगी परीक्षाओं में भारतीय स्वतंत्रता आंदोलन से जुड़े प्रश्न बार-बार पूछे जाते हैं। इसलिए इस पूरे इतिहास को घटना, वर्ष, प्रमुख नेता, कारण और परिणाम के क्रम में समझना विद्यार्थियों के लिए अधिक उपयोगी है।
1857 का विद्रोह
1857 का विद्रोह भारतीय इतिहास की सबसे महत्वपूर्ण घटनाओं में से एक था। इसे कई इतिहासकारों ने अलग-अलग दृष्टिकोण से देखा है। विनायक दामोदर सावरकर ने इसे प्रथम स्वतंत्रता संग्राम कहा।
1857 के विद्रोह के प्रमुख कारण
1. राजनीतिक कारण
लॉर्ड डलहौजी की हड़प नीति (Doctrine of Lapse) के कारण कई भारतीय रियासतों को ब्रिटिश शासन में मिला लिया गया। झांसी, सतारा और नागपुर जैसी रियासतों के विलय से भारतीय शासकों में असंतोष बढ़ा।
अवध का 1856 में ब्रिटिश शासन में विलय भी असंतोष का एक बड़ा कारण बना।
2. आर्थिक कारण
ब्रिटिश आर्थिक नीतियों के कारण भारतीय कुटीर उद्योग और हस्तशिल्प को भारी नुकसान हुआ। किसानों पर भूमि-राजस्व का बोझ बढ़ा और भारतीय अर्थव्यवस्था पर ब्रिटिश नियंत्रण मजबूत होता गया।
3. सामाजिक और धार्मिक कारण
भारतीय समाज के एक वर्ग को यह आशंका होने लगी कि ब्रिटिश सरकार भारतीय धार्मिक और सामाजिक परंपराओं में हस्तक्षेप कर रही है।
4. सैनिक कारण
भारतीय सैनिकों के साथ वेतन, पदोन्नति और सेवा संबंधी मामलों में भेदभाव किया जाता था। इससे सेना के भारतीय सैनिकों में असंतोष बढ़ रहा था।
5. तत्कालीन कारण
एनफील्ड राइफल के कारतूसों को लेकर यह खबर फैली कि उन्हें गाय और सूअर की चर्बी से चिकना किया गया है। इस घटना ने पहले से मौजूद असंतोष को भड़का दिया।
मंगल पांडे और 1857 का विद्रोह
29 मार्च 1857 को बैरकपुर में मंगल पांडे की घटना हुई। उन्हें 8 अप्रैल 1857 को फांसी दी गई।
इसके बाद 10 मई 1857 को मेरठ से विद्रोह ने व्यापक रूप लिया। सैनिक दिल्ली पहुंचे और बहादुर शाह जफर को अपना नेता घोषित किया।
1857 के विद्रोह के प्रमुख केंद्र और नेता
| केंद्र | प्रमुख नेता |
|---|---|
| दिल्ली | बहादुर शाह जफर, बख्त खान |
| कानपुर | नाना साहेब, तात्या टोपे |
| झांसी | रानी लक्ष्मीबाई |
| लखनऊ | बेगम हजरत महल |
| जगदीशपुर | कुंवर सिंह |
1857 का विद्रोह अंततः ब्रिटिश सेना द्वारा दबा दिया गया, लेकिन इसने ब्रिटिश शासन के सामने भारतीय असंतोष की गंभीरता को स्पष्ट कर दिया।
1858 का भारत शासन अधिनियम
1857 के विद्रोह के बाद ब्रिटिश सरकार ने भारत के प्रशासन में बड़ा परिवर्तन किया।
Government of India Act, 1858 के बाद ईस्ट इंडिया कंपनी का शासन समाप्त कर दिया गया और भारत का शासन सीधे ब्रिटिश क्राउन के अधीन चला गया।
लॉर्ड कैनिंग भारत के पहले वायसराय बने।
सामाजिक और धार्मिक सुधार आंदोलन
19वीं शताब्दी में भारत में कई सामाजिक और धार्मिक सुधार आंदोलनों ने जन्म लिया। इन आंदोलनों ने शिक्षा, सामाजिक सुधार और आधुनिक विचारों के प्रसार में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
| आंदोलन | प्रमुख व्यक्ति | वर्ष |
|---|---|---|
| ब्रह्म समाज | राजा राममोहन राय | 1828 |
| सत्यशोधक समाज | ज्योतिबा फुले | 1873 |
| आर्य समाज | स्वामी दयानंद सरस्वती | 1875 |
| रामकृष्ण मिशन | स्वामी विवेकानंद | 1897 |
भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस की स्थापना
28 दिसंबर 1885 को भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस की स्थापना हुई।
कांग्रेस के गठन में A. O. Hume की महत्वपूर्ण भूमिका थी। इसका पहला अधिवेशन बॉम्बे में हुआ।
कांग्रेस के प्रथम अध्यक्ष व्योमेश चंद्र बनर्जी (W. C. Bonnerjee) थे।
प्रारंभिक उदारवादी नेता
- दादाभाई नौरोजी
- गोपाल कृष्ण गोखले
- फिरोजशाह मेहता
- सुरेंद्रनाथ बनर्जी
उदारवादी नेता संवैधानिक तरीकों, बातचीत, याचिका और राजनीतिक सुधारों के माध्यम से अधिकार प्राप्त करने के पक्षधर थे।
बंगाल विभाजन और स्वदेशी आंदोलन
1905 में लॉर्ड कर्जन ने बंगाल का विभाजन किया।
बंगाल विभाजन 16 अक्टूबर 1905 से प्रभावी हुआ।
इसके विरोध में देशभर में स्वदेशी और बहिष्कार आंदोलन को गति मिली। लोगों ने विदेशी वस्तुओं का बहिष्कार और स्वदेशी वस्तुओं के उपयोग को बढ़ावा दिया।
महात्मा गांधी का भारत आगमन
महात्मा गांधी 9 जनवरी 1915 को दक्षिण अफ्रीका से भारत लौटे। भारत में उनके राजनीतिक गुरु गोपाल कृष्ण गोखले थे।
भारत लौटने के बाद गांधीजी ने कई स्थानीय आंदोलनों के माध्यम से भारतीय राजनीति में सक्रिय भूमिका निभानी शुरू की।
चंपारण सत्याग्रह — 1917
1917 में गांधीजी ने बिहार के चंपारण में किसानों की समस्याओं को लेकर सत्याग्रह किया।
यह भारत में गांधीजी के शुरुआती प्रमुख आंदोलनों में से एक था।
अहमदाबाद मिल आंदोलन — 1918
1918 में अहमदाबाद के कपड़ा मिल मजदूरों से संबंधित विवाद में गांधीजी ने हस्तक्षेप किया और मजदूरों के समर्थन में आंदोलन किया।
खेड़ा सत्याग्रह — 1918
गुजरात के खेड़ा में फसल खराब होने के बावजूद किसानों से लगान वसूली का विरोध किया गया।
गांधीजी ने किसानों के समर्थन में सत्याग्रह किया।
रॉलेट एक्ट — 1919
1919 में ब्रिटिश सरकार ने रॉलेट एक्ट लागू किया।
इस कानून के तहत सरकार को बिना सामान्य न्यायिक प्रक्रिया के लोगों को गिरफ्तार और नजरबंद करने की शक्तियां मिलीं।
इस कानून के विरोध में देशभर में आंदोलन हुआ।
जलियांवाला बाग हत्याकांड
13 अप्रैल 1919 को अमृतसर के जलियांवाला बाग में बड़ी संख्या में लोग एकत्रित हुए थे।
ब्रिगेडियर जनरल रेजिनाल्ड डायर के आदेश पर वहां मौजूद लोगों पर गोलियां चलाई गईं।
इस घटना ने पूरे देश को झकझोर दिया और ब्रिटिश शासन के प्रति भारतीयों के विरोध को और मजबूत किया।
असहयोग आंदोलन — 1920
महात्मा गांधी के नेतृत्व में 1920 में असहयोग आंदोलन शुरू हुआ।
इसका उद्देश्य ब्रिटिश शासन के साथ भारतीयों के सहयोग को समाप्त करना था।
आंदोलन के दौरान विदेशी वस्तुओं, सरकारी संस्थाओं और ब्रिटिश शासन से जुड़ी कई व्यवस्थाओं के बहिष्कार पर जोर दिया गया।
चौरी-चौरा घटना
5 फरवरी 1922 को उत्तर प्रदेश के चौरी-चौरा में हिंसक घटना हुई।
हिंसा की घटना के बाद गांधीजी ने असहयोग आंदोलन वापस लेने का निर्णय लिया।
स्वराज पार्टी — 1923
असहयोग आंदोलन वापस लिए जाने के बाद चित्तरंजन दास और मोतीलाल नेहरू ने 1923 में स्वराज पार्टी की स्थापना की।
इसका उद्देश्य विधान परिषदों में प्रवेश करके ब्रिटिश शासन की नीतियों का विरोध करना था।
काकोरी कांड — 1925
9 अगस्त 1925 को काकोरी ट्रेन कार्रवाई हुई।
यह घटना भारतीय क्रांतिकारी आंदोलन की महत्वपूर्ण घटनाओं में गिनी जाती है।
भगत सिंह और क्रांतिकारी आंदोलन
भगत सिंह भारतीय स्वतंत्रता आंदोलन के प्रमुख क्रांतिकारी नेताओं में से एक थे।
चंद्रशेखर आजाद, भगत सिंह और उनके साथियों ने ब्रिटिश शासन के खिलाफ क्रांतिकारी गतिविधियों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
23 मार्च 1931 को भगत सिंह, राजगुरु और सुखदेव को फांसी दी गई।
23 मार्च को आज भी शहीद दिवस के रूप में याद किया जाता है।
साइमन कमीशन — 1928
1928 में साइमन कमीशन भारत आया।
कमीशन में एक भी भारतीय सदस्य नहीं था। इसके विरोध में देशभर में प्रदर्शन हुए।
लाला लाजपत राय ने भी साइमन कमीशन के विरोध में प्रदर्शन का नेतृत्व किया।
पूर्ण स्वराज्य — 1929
दिसंबर 1929 में कांग्रेस का ऐतिहासिक लाहौर अधिवेशन हुआ।
जवाहरलाल नेहरू की अध्यक्षता में कांग्रेस ने पूर्ण स्वराज्य को अपना लक्ष्य घोषित किया।
26 जनवरी 1930 को पहली बार स्वतंत्रता दिवस मनाने का निर्णय इसी पृष्ठभूमि में लिया गया।
दांडी मार्च और सविनय अवज्ञा आंदोलन — 1930
महात्मा गांधी ने 12 मार्च 1930 को साबरमती आश्रम से दांडी मार्च शुरू किया।
लगभग 24 दिनों की यात्रा के बाद गांधीजी 6 अप्रैल 1930 को दांडी पहुंचे और नमक कानून तोड़ा।
नमक सत्याग्रह के साथ सविनय अवज्ञा आंदोलन को व्यापक गति मिली।
गांधी-इरविन समझौता — 1931
5 मार्च 1931 को महात्मा गांधी और लॉर्ड इरविन के बीच समझौता हुआ।
इसके बाद गांधीजी दूसरे गोलमेज सम्मेलन में भाग लेने के लिए लंदन गए।
भारत सरकार अधिनियम 1935
Government of India Act, 1935 ब्रिटिश भारत के संवैधानिक इतिहास का महत्वपूर्ण कानून था।
इसकी प्रमुख विशेषताओं में प्रांतीय स्वायत्तता शामिल थी।
1937 के प्रांतीय चुनावों के बाद कई प्रांतों में कांग्रेस की सरकारें बनीं।
सुभाष चंद्र बोस और आजाद हिंद फौज
सुभाष चंद्र बोस स्वतंत्रता आंदोलन के सबसे प्रभावशाली नेताओं में से एक थे।
उन्होंने आजाद हिंद फौज को स्वतंत्रता संघर्ष का महत्वपूर्ण माध्यम बनाया।
21 अक्टूबर 1943 को सिंगापुर में आजाद हिंद की अस्थायी सरकार की घोषणा की गई।
सुभाष चंद्र बोस से जुड़े प्रसिद्ध नारे हैं:
- जय हिंद
- दिल्ली चलो
- तुम मुझे खून दो, मैं तुम्हें आजादी दूंगा
आजाद हिंद फौज में महिलाओं के लिए रानी झांसी रेजिमेंट भी बनाई गई थी।
भारत छोड़ो आंदोलन — 1942
8 अगस्त 1942 को मुंबई में अखिल भारतीय कांग्रेस समिति ने भारत छोड़ो आंदोलन का प्रस्ताव पारित किया।
महात्मा गांधी ने इस आंदोलन के दौरान “करो या मरो” का आह्वान किया।
9 अगस्त 1942 से ब्रिटिश सरकार ने कांग्रेस के प्रमुख नेताओं को गिरफ्तार करना शुरू कर दिया।
इसके बावजूद आंदोलन देश के विभिन्न हिस्सों में जारी रहा।
स्वतंत्रता की ओर अंतिम चरण
1942 के बाद भारत की स्वतंत्रता की प्रक्रिया तेजी से आगे बढ़ी।
1946 — कैबिनेट मिशन
ब्रिटिश सरकार ने भारत के संवैधानिक भविष्य और सत्ता हस्तांतरण के लिए कैबिनेट मिशन भेजा।
1946 — अंतरिम सरकार
2 सितंबर 1946 को अंतरिम सरकार का गठन हुआ।
3 जून 1947 — माउंटबेटन योजना
भारत के विभाजन और सत्ता हस्तांतरण की योजना सामने रखी गई।
15 अगस्त 1947 — स्वतंत्रता
आखिरकार 15 अगस्त 1947 को भारत स्वतंत्र हुआ।
इस प्रकार 1857 से शुरू हुए लंबे संघर्ष के बाद भारत ने ब्रिटिश शासन से स्वतंत्रता प्राप्त की।
छत्तीसगढ़ में स्वतंत्रता आंदोलन
राष्ट्रीय स्वतंत्रता आंदोलन का प्रभाव छत्तीसगढ़ में भी दिखाई दिया।
वीर नारायण सिंह
वीर नारायण सिंह को छत्तीसगढ़ के स्वतंत्रता आंदोलन के प्रमुख प्रारंभिक वीरों में माना जाता है।
1857 के विद्रोह के दौरान उन्होंने ब्रिटिश शासन का विरोध किया।
10 दिसंबर 1857 को उन्हें फांसी दी गई।
कंडेल नहर सत्याग्रह
छत्तीसगढ़ के स्वतंत्रता आंदोलन में कंडेल नहर सत्याग्रह का विशेष महत्व है।
1920 में धमतरी क्षेत्र के कंडेल गांव में किसानों ने नहर संबंधी कर और ब्रिटिश प्रशासन की नीतियों का विरोध किया।
इस आंदोलन से पंडित सुंदरलाल शर्मा का नाम प्रमुख रूप से जुड़ा है।
कंडेल नहर सत्याग्रह ने छत्तीसगढ़ में राष्ट्रीय आंदोलन को नई दिशा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
1857 से 1947 तक महत्वपूर्ण घटनाओं की Timeline
| वर्ष | प्रमुख घटना |
|---|---|
| 1857 | महान विद्रोह |
| 1858 | भारत शासन अधिनियम |
| 1885 | भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस की स्थापना |
| 1905 | बंगाल विभाजन |
| 1915 | गांधीजी भारत लौटे |
| 1917 | चंपारण सत्याग्रह |
| 1918 | खेड़ा और अहमदाबाद आंदोलन |
| 1919 | रॉलेट एक्ट और जलियांवाला बाग |
| 1920 | असहयोग आंदोलन |
| 1922 | चौरी-चौरा घटना |
| 1923 | स्वराज पार्टी |
| 1925 | काकोरी कांड |
| 1928 | साइमन कमीशन |
| 1929 | पूर्ण स्वराज्य का लक्ष्य |
| 1930 | दांडी मार्च और सविनय अवज्ञा |
| 1931 | गांधी-इरविन समझौता |
| 1935 | भारत सरकार अधिनियम |
| 1942 | भारत छोड़ो आंदोलन |
| 1943 | आजाद हिंद की अस्थायी सरकार |
| 1946 | कैबिनेट मिशन और अंतरिम सरकार |
| 1947 | भारत स्वतंत्र हुआ |
परीक्षा के लिए महत्वपूर्ण तथ्य
- 1857 का विद्रोह मेरठ से व्यापक रूप से शुरू हुआ।
- मंगल पांडे की घटना बैरकपुर से संबंधित है।
- 1858 के बाद भारत सीधे ब्रिटिश क्राउन के अधीन चला गया।
- भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस की स्थापना 1885 में हुई।
- कांग्रेस के प्रथम अध्यक्ष व्योमेश चंद्र बनर्जी थे।
- बंगाल विभाजन 1905 में हुआ।
- गांधीजी 1915 में भारत लौटे।
- चंपारण सत्याग्रह 1917 में हुआ।
- जलियांवाला बाग हत्याकांड 13 अप्रैल 1919 को हुआ।
- असहयोग आंदोलन 1920 में शुरू हुआ।
- चौरी-चौरा घटना के बाद असहयोग आंदोलन वापस लिया गया।
- काकोरी कांड 1925 में हुआ।
- 1929 में पूर्ण स्वराज्य को लक्ष्य बनाया गया।
- दांडी मार्च 12 मार्च 1930 को शुरू हुआ।
- भारत छोड़ो आंदोलन 1942 में शुरू हुआ।
- “करो या मरो” भारत छोड़ो आंदोलन से जुड़ा है।
- आजाद हिंद की अस्थायी सरकार 1943 में बनी।
- कैबिनेट मिशन 1946 में भारत आया।
- भारत 15 अगस्त 1947 को स्वतंत्र हुआ।
- कंडेल नहर सत्याग्रह छत्तीसगढ़ के स्वतंत्रता आंदोलन की महत्वपूर्ण घटना है।
MCQ अभ्यास
1. 1857 का विद्रोह व्यापक रूप से कहां से शुरू हुआ?
1. 1857 का विद्रोह व्यापक रूप से कहां से शुरू हुआ?
A. दिल्ली
B. कानपुर
C. मेरठ
D. लखनऊ
उत्तर: C. मेरठ
2. मंगल पांडे किस स्थान से जुड़े थे?
A. झांसी
B. बैरकपुर
C. मेरठ
D. कानपुर
उत्तर: B. बैरकपुर
3. भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस की स्थापना किस वर्ष हुई?
A. 1875
B. 1885
C. 1895
D. 1905
उत्तर: B. 1885
4. कांग्रेस के प्रथम अध्यक्ष कौन थे?
A. दादाभाई नौरोजी
B. गोपाल कृष्ण गोखले
C. व्योमेश चंद्र बनर्जी
D. सुरेंद्रनाथ बनर्जी
उत्तर: C. व्योमेश चंद्र बनर्जी
5. बंगाल विभाजन किस वर्ष हुआ?
A. 1903
B. 1905
C. 1907
D. 1911
उत्तर: B. 1905
6. गांधीजी भारत कब लौटे?
A. 1909
B. 1911
C. 1915
D. 1919
उत्तर: C. 1915
7. चंपारण सत्याग्रह कब हुआ?
A. 1915
B. 1917
C. 1919
D. 1920
उत्तर: B. 1917
8. जलियांवाला बाग हत्याकांड कब हुआ?
A. 6 अप्रैल 1919
B. 13 अप्रैल 1919
C. 15 अगस्त 1919
D. 26 जनवरी 1920
उत्तर: B. 13 अप्रैल 1919
9. असहयोग आंदोलन किस वर्ष शुरू हुआ?
A. 1919
B. 1920
C. 1922
D. 1930
उत्तर: B. 1920
10. असहयोग आंदोलन किस घटना के बाद वापस लिया गया?
A. जलियांवाला बाग
B. काकोरी कांड
C. चौरी-चौरा
D. दांडी मार्च
उत्तर: C. चौरी-चौरा
11. स्वराज पार्टी की स्थापना किस वर्ष हुई?
A. 1920
B. 1922
C. 1923
D. 1925
उत्तर: C. 1923
12. काकोरी कांड किस वर्ष हुआ?
A. 1923
B. 1925
C. 1928
D. 1930
उत्तर: B. 1925
13. साइमन कमीशन भारत कब आया?
A. 1925
B. 1927
C. 1928
D. 1930
उत्तर: C. 1928
14. पूर्ण स्वराज्य का लक्ष्य किस अधिवेशन में अपनाया गया?
A. कलकत्ता अधिवेशन
B. लखनऊ अधिवेशन
C. लाहौर अधिवेशन
D. सूरत अधिवेशन
उत्तर: C. लाहौर अधिवेशन
15. दांडी मार्च कब शुरू हुआ?
A. 12 मार्च 1930
B. 6 अप्रैल 1930
C. 5 मार्च 1931
D. 8 अगस्त 1942
उत्तर: A. 12 मार्च 1930
16. गांधीजी ने नमक कानून कब तोड़ा?
A. 12 मार्च 1930
B. 6 अप्रैल 1930
C. 5 मार्च 1931
D. 26 जनवरी 1930
उत्तर: B. 6 अप्रैल 1930
17. गांधी-इरविन समझौता कब हुआ?
A. 1930
B. 1931
C. 1932
D. 1935
उत्तर: B. 1931
18. भारत सरकार अधिनियम किस वर्ष आया?
A. 1919
B. 1929
C. 1935
D. 1942
उत्तर: C. 1935
19. भारत छोड़ो आंदोलन कब शुरू हुआ?
A. 1939
B. 1940
C. 1942
D. 1946
उत्तर: C. 1942
20. “करो या मरो” किस आंदोलन से जुड़ा है?
A. असहयोग आंदोलन
B. सविनय अवज्ञा आंदोलन
C. भारत छोड़ो आंदोलन
D. स्वदेशी आंदोलन
उत्तर: C. भारत छोड़ो आंदोलन
21. आजाद हिंद की अस्थायी सरकार की घोषणा कब हुई?
A. 1941
B. 1942
C. 1943
D. 1945
उत्तर: C. 1943
22. रानी झांसी रेजिमेंट किससे संबंधित थी?
A. कांग्रेस
B. आजाद हिंद फौज
C. स्वराज पार्टी
D. हिंद महासभा
उत्तर: B. आजाद हिंद फौज
23. कैबिनेट मिशन भारत कब आया?
A. 1942
B. 1945
C. 1946
D. 1947
उत्तर: C. 1946
24. भारत स्वतंत्र कब हुआ?
A. 26 जनवरी 1950
B. 3 जून 1947
C. 14 अगस्त 1947
D. 15 अगस्त 1947
उत्तर: D. 15 अगस्त 1947
25. छत्तीसगढ़ के स्वतंत्रता आंदोलन से संबंधित कंडेल नहर सत्याग्रह किस वर्ष हुआ?
A. 1915
B. 1919
C. 1920
D. 1930
उत्तर: C. 1920
26. कंडेल नहर सत्याग्रह से किसका नाम प्रमुख रूप से जुड़ा है?
A. वीर नारायण सिंह
B. पंडित सुंदरलाल शर्मा
C. भगत सिंह
D. रविशंकर शुक्ल
उत्तर: B. पंडित सुंदरलाल शर्मा
27. वीर नारायण सिंह को कब फांसी दी गई?
A. 10 मई 1857
B. 8 अप्रैल 1857
C. 10 दिसंबर 1857
D. 15 अगस्त 1857
उत्तर: C. 10 दिसंबर 1857
28. निम्न में से सही कालक्रम कौन-सा है?
A. चंपारण → कांग्रेस स्थापना → दांडी मार्च → बंगाल विभाजन
B. कांग्रेस स्थापना → बंगाल विभाजन → चंपारण → दांडी मार्च
C. बंगाल विभाजन → कांग्रेस स्थापना → चंपारण → दांडी मार्च
D. चंपारण → बंगाल विभाजन → कांग्रेस स्थापना → दांडी मार्च
उत्तर: B. कांग्रेस स्थापना → बंगाल विभाजन → चंपारण → दांडी मार्च
29. निम्न में से कौन-सा युग्म सही है?
A. चंपारण — 1919
B. खेड़ा — 1918
C. दांडी मार्च — 1925
D. भारत छोड़ो — 1935
उत्तर: B. खेड़ा — 1918
30. भारत की स्वतंत्रता का सबसे सही वर्ष कौन-सा है?
A. 1942
B. 1945
C. 1946
D. 1947
उत्तर: D. 1947
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