CG Assistant Teacher Syllabus 2026: सहायक शिक्षक भर्ती परीक्षा का पूरा पाठ्यक्रम और तैयारी की रणनीति
Written & Reviewed by Yuvraj Pratap Rajwade
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Last Updated: 31 August 2026
CG Assistant Teacher Syllabus 2026 की तैयारी कर रहे अभ्यर्थियों के लिए परीक्षा का पाठ्यक्रम समझना सबसे जरूरी कदम है। उपलब्ध सहायक शिक्षक भर्ती परीक्षा पाठ्यक्रम के अनुसार प्रश्नपत्र को अलग-अलग विषयों में बांटा गया है और कुल 100 अंक का पाठ्यक्रम निर्धारित किया गया है। इसमें हिंदी, अंग्रेजी, गणित, पर्यावरण अध्ययन, बाल विकास एवं शिक्षा शास्त्र, सामान्य मानसिक योग्यता, कंप्यूटर शिक्षा और सामान्य ज्ञान शामिल हैं।
पाठ्यक्रम को ध्यान से देखने पर यह भी स्पष्ट होता है कि परीक्षा में केवल विषय संबंधी जानकारी ही नहीं, बल्कि भाषा कौशल, बच्चों के विकास एवं सीखने की प्रक्रिया, गणितीय तर्क, कंप्यूटर की बुनियादी समझ और छत्तीसगढ़ से संबंधित सामान्य ज्ञान पर भी ध्यान दिया गया है।
CG Assistant Teacher Exam Pattern में विषयों का अंक विभाजन
पाठ्यक्रम के पहले पेज पर दिए गए विवरण के अनुसार 100 अंकों का विभाजन इस प्रकार है:
| विषय | अंक |
|---|---|
| हिंदी | 15 |
| अंग्रेजी | 10 |
| गणित | 15 |
| पर्यावरण अध्ययन | 10 |
| बाल विकास एवं शिक्षा शास्त्र | 15 |
| सामान्य मानसिक योग्यता | 15 |
| कंप्यूटर शिक्षा | 5 |
| सामान्य ज्ञान | 15 |
| कुल | 100 |
इस वितरण से पता चलता है कि हिंदी, गणित, बाल विकास एवं शिक्षा शास्त्र, सामान्य मानसिक योग्यता और सामान्य ज्ञान को 15-15 अंक दिए गए हैं। इसलिए तैयारी करते समय इन विषयों को अपेक्षाकृत अधिक समय देना उपयोगी रहेगा।
1. हिंदी का पाठ्यक्रम
हिंदी के लिए 15 अंक निर्धारित हैं। पाठ्यक्रम में भाषा के व्याकरणिक पक्ष के साथ-साथ भाषा सीखने और बच्चों के भाषाई विकास से जुड़े विषय भी शामिल हैं।
इकाई 1: हिंदी व्याकरण
इस भाग में मुख्य रूप से शामिल हैं:
- वर्ण विचार
- स्वर और व्यंजन
- अक्षर
- वर्तनी
- लिंग
- वचन
- कारक
- संधि
- काल
इकाई 2: शब्द विचार एवं शब्द रचना
इसमें शब्दों के स्वरूप और निर्माण से संबंधित विषय दिए गए हैं। स्रोत के अनुसार इसमें स्रोत के आधार पर शब्दों के वर्ग—तत्सम, तद्भव, देशज और विदेशी—तथा अर्थ के आधार पर शब्द-भेद जैसे मुहावरे, लोकोक्तियां, पर्यायवाची, विलोम और अनेकार्थी शब्द शामिल हैं।
इकाई 3: शब्द रचना
- उपसर्ग
- प्रत्यय
- समास
- अनेक शब्दों या वाक्यांशों के लिए एक शब्द
इकाई 4: पद और पद-भेद
- संज्ञा एवं उसके प्रकार
- कारक चिह्न
- सर्वनाम
- विशेषण
- क्रिया
इकाई 5: वाक्य परिचय
इसमें वाक्य के अंग, वाक्य के भेद और पदक्रम का अध्ययन करना है।
इकाई 6: रचना
- अपठित गद्यांश
इकाई 7 और 8: बच्चों का भाषाई विकास
हिंदी का यह हिस्सा खास तौर पर शिक्षक बनने की तैयारी से जुड़ा है। इसमें बच्चों में भाषा विकास के चरण, बच्चे भाषा कैसे सीखते हैं, भाषा सीखने की प्रक्रिया के गुण तथा सुनना, बोलना, पढ़ना और लिखना जैसे भाषा कौशल शामिल हैं।
इकाई 9-10
- समावेशी भाषा कक्षा
- बहुभाषिकता
- भाषा में मूल्यांकन
- बच्चों की भाषा क्षमता का आकलन
- भाषा सीखने, लिखने और पढ़ने की प्रक्रिया में गलतियों की भूमिका
2. अंग्रेजी का पाठ्यक्रम
अंग्रेजी के लिए 10 अंक निर्धारित हैं। इसमें केवल Grammar याद करने पर जोर नहीं है, बल्कि comprehension और language pedagogy को भी पाठ्यक्रम में शामिल किया गया है।
Comprehension
- Unseen prose passages
- Comprehension
- Grammar
- Vocabulary
- उच्च स्तरीय सोच पर आधारित प्रश्न
Pedagogy of Language Development
इस भाग में भाषा शिक्षण से संबंधित विषय दिए गए हैं, जैसे:
- कक्षा में भाषा अधिग्रहण
- भाषा शिक्षण के सिद्धांत
- Reading और Writing से पहले Listening तथा Speaking की भूमिका
- Phonics और Phonemic Awareness
- भाषा का कार्य और बच्चों द्वारा भाषा का प्रयोग
- भाषा सीखने में Grammar की भूमिका
- विविध कक्षा में भाषा पढ़ाने की चुनौतियां
- भाषा संबंधी कठिनाइयां, errors और disorders
- Language skills
- Speaking, Listening, Reading और Writing का मूल्यांकन
- Low-cost Teaching Learning Materials
- Textbook के unit themes और learning objectives
- Play-based pedagogy
- Digital content का सुरक्षित एवं उचित उपयोग
- Multilingual classroom resources
- Assessment
- Remedial teaching तथा individual differences और learner needs
इसलिए अंग्रेजी की तैयारी करते समय केवल grammar rules याद करने के बजाय comprehension + vocabulary + language teaching तीनों हिस्सों को साथ लेकर चलना बेहतर होगा।
3. गणित का पाठ्यक्रम
गणित के लिए 15 अंक निर्धारित हैं। पाठ्यक्रम में गणित की मूल अवधारणाओं के साथ problem solving और classroom teaching से जुड़े पहलुओं को भी स्थान दिया गया है।
शुरुआत में निम्न विषय हैं:
- प्राचीन भारतीय गणितज्ञों का योगदान एवं उनके कार्य
- गणित की प्रकृति
- गणितीय सोच
- अमूर्तीकरण
- विशिष्टीकरण और व्यापककरण
- अन्य विषयों के साथ गणित का संबंध
- गणित सीखना एवं आकलन
- रचनावादी आकलन
- अवधारणात्मक एवं प्रक्रियात्मक ज्ञान
इसके बाद मुख्य गणितीय विषयों में शामिल हैं:
- दशमलव प्रणाली
- संख्याएं
- पूर्ण, सम-विषम, अभाज्य और विभाज्य संख्याएं
- त्रिभुजाकार संख्या और कप्पेकर संख्या
- भिन्न
- भिन्नों की परस्पर तुलना
- दशमलव भिन्न को साधारण भिन्न में बदलना
- व्यंजकों का सरलीकरण
- BODMAS
- वर्गमूल
- वर्गमूल निकालने की विभिन्न विधियां
- घातांक
- लघुत्तम समापवर्त्य
- महत्तम समापवर्तक
- माध्य, माध्यिका और बहुलक
- प्रतिशतता
- ब्याज
- लाभ और हानि
- अनुपात और समानुपात
- ऐकिक नियम
- चाल, समय एवं दूरी
- क्षेत्रफल, परिमाप तथा आयतन
- पैटर्न
- ज्यामितीय आकृतियां
- निर्देशांक ज्यामिति द्वारा स्थिति निर्धारण
गणित में तैयारी करते समय केवल formula याद करना पर्याप्त नहीं होगा। प्रत्येक topic के basic concept के साथ उससे जुड़े प्रश्नों का अभ्यास करना महत्वपूर्ण रहेगा।
4. पर्यावरण अध्ययन
पर्यावरण अध्ययन के लिए 10 अंक हैं। इस हिस्से में पर्यावरण की समझ के साथ बच्चों को पर्यावरण पढ़ाने की पद्धति और classroom activities को भी शामिल किया गया है।
मुख्य इकाइयां हैं:
पर्यावरण की समझ
पर्यावरण के सामाजिक, आर्थिक, प्राकृतिक और सांस्कृतिक घटक तथा उनकी अंतःक्रिया और पर्यावरण की व्यापकता।
पर्यावरण के बारे में बच्चों की समझ
दृष्टिकोण, अनुभव आधारित समझ, पर्यावरण संबंधी सूचनाओं का संग्रह, विश्लेषण, अवलोकन और समस्या-समाधान।
पर्यावरण अध्ययन क्यों पढ़ाएं?
- पाठ्यक्रम सरोकार
- अवधारणा का ज्ञान
- सामाजिक अध्ययन की अवधारणा
पर्यावरण अध्ययन का शिक्षण शास्त्र
- विज्ञान शिक्षण
- सामाजिक अध्ययन शिक्षण
- बच्चों द्वारा बनाए गए चित्रों को पढ़ना और समझना
- दिन-रात व ऋतु परिवर्तन
- समय गणना
- नक्शा पढ़ना
- बाल केंद्रित शिक्षा
- एकीकृत दृष्टिकोण
इसके अलावा classroom activities, प्रयोग, सर्वे, प्रोजेक्ट, field visit, पुस्तकालय और मूल्यांकन आकलन भी पाठ्यक्रम का हिस्सा हैं।
परिवार संबंधी विषय, स्वास्थ्य एवं सुरक्षा, पारिस्थितिक तंत्र, पर्यावरण संरक्षण तथा छत्तीसगढ़ की संस्कृति और पारंपरिक रीति-रिवाज भी इसमें शामिल हैं।
5. बाल विकास एवं शिक्षा शास्त्र
यह हिस्सा 15 अंकों का है और शिक्षक भर्ती परीक्षा के दृष्टिकोण से काफी महत्वपूर्ण है।
बच्चों का विकास
इसमें पढ़ना होगा:
- विकास की अवधारणा
- सीखने से विकास का संबंध
- विकास के सिद्धांत
- वंशानुक्रम एवं वातावरण का प्रभाव
- बुद्धिमत्ता
- सृजन का आलोचनात्मक परिप्रेक्ष्य
- बहुआयामी बुद्धि
- भाषा एवं विचार
- सीखने वालों के बीच वैयक्तिक विभिन्नता
- भाषायी विभिन्नता
- जाति, लिंग, समुदाय और धर्म आदि आधारों पर विभिन्नता
- शाला आधारित मूल्यांकन
- सतत एवं समग्र मूल्यांकन
- पर्यवेक्षण एवं अभ्यास
समावेशी शिक्षा
विशेष आवश्यकता वाले बच्चों को समझना, विभिन्न पृष्ठभूमि से आने वाले बच्चों का शिक्षण, सीखने में कठिनाई, विकलांगता और सृजनात्मक एवं विशिष्ट योग्यता वाले बच्चों की शिक्षा जैसे विषय इसमें शामिल हैं।
सीखना एवं शिक्षा शास्त्र
इस भाग में सीखने की आधारभूत तरीके, बच्चों के सीखने की जगह, सामाजिक क्रियाकलाप, सामाजिक सांस्कृतिक पृष्ठभूमि, समस्या समाधान, संज्ञान एवं संवेग और सीखने में सहयोगी कारक जैसे विषय दिए गए हैं।
6. सामान्य मानसिक योग्यता
सामान्य मानसिक योग्यता के लिए 15 अंक निर्धारित हैं।
इस भाग में तर्क करने और संबंध पहचानने की क्षमता पर आधारित प्रश्नों की तैयारी करनी होगी।
मुख्य प्रकार के प्रश्नों में शामिल हैं:
- तर्क करना
- संबंध देखना
- Analogy
- अंकगणितीय योग्यता
- आकाशीय संबंध
- विषमता पहचानना
- संख्याओं, अक्षरों और चित्रों के माध्यम से संबंध देखना
- सांकेतिक भाषा
- छुपे हुए चित्र
- वर्ग एवं अंक
- गणितीय संक्रियाएं
- चित्रों का मिलान
- धन संबंधी विभिन्न प्रकार के पैटर्न
इस भाग में नियमित practice से प्रश्न हल करने की speed और accuracy दोनों बेहतर की जा सकती हैं।
7. कंप्यूटर शिक्षा
कंप्यूटर शिक्षा के लिए 5 अंक निर्धारित हैं। हालांकि अंक कम हैं, लेकिन पाठ्यक्रम में कंप्यूटर के कई बुनियादी और व्यावहारिक पहलुओं को शामिल किया गया है।
मुख्य topics हैं:
- कंप्यूटर का परिचय
- दैनिक जीवन में कंप्यूटर का उपयोग
- कंप्यूटर का महत्व और सीमाएं
- Hardware और Software
- CPU, ALU, CU और Memory
- Input एवं Output Devices
- Printer के प्रकार
- Operating System
- Windows, macOS, Linux और Ubuntu
- Microsoft Word
- MS Excel
- MS PowerPoint
- Internet
- Inbox, Outbox, CC, BCC और Email
- Online documents
- Website surfing
- सरकारी विभागों की वेबसाइट
- Computer Virus
- Antivirus Software
- Computer Security
- Multimedia
- Storage Devices
- Search Engine और Online Platforms
- सुरक्षित एवं प्रभावी searching techniques
8. सामान्य ज्ञान
सामान्य ज्ञान के लिए भी 15 अंक निर्धारित हैं। इसमें राष्ट्रीय विषयों के साथ छत्तीसगढ़ से संबंधित सामान्य जानकारी को विशेष स्थान दिया गया है।
पाठ्यक्रम में प्रमुख रूप से शामिल हैं:
भारतीय संविधान
- मुख्य संवैधानिक प्रावधान
- मौलिक कर्तव्य
- भारतीय राजनैतिक व्यवस्था
- संवैधानिक अधिकार
- सूचना का अधिकार
- सांस्कृतिक एवं राष्ट्रीय व्यक्तित्व
- लोकतंत्र एवं चुनाव
- लोकसभा और राज्यसभा
भारतीय इतिहास
- भारतीय इतिहास
- राष्ट्रीय आंदोलन
- भारतीय सभ्यता एवं सांस्कृतिक
- ऐतिहासिक घटनाएं
- 1857 से 1947 तक स्वतंत्रता आंदोलन
- 1947 के बाद की घटनाएं
भूगोल
- सामान्य भूगोल
- भारत एवं विश्व का भूगोल
भारतीय अर्थव्यवस्था
- सामाजिक एवं आर्थिक विकास
- जनसंख्या परिप्रेक्ष्य
- सकल राष्ट्रीय उत्पादन
- प्रति व्यक्ति आय
- पंचवर्षीय योजनाएं
- कृषि एवं ग्रामीण विकास
- औद्योगिक विकास
- भारतीय अर्थव्यवस्था
- बैंक प्रणाली
- वर्तमान आर्थिक घटनाक्रम
सामान्य विज्ञान
भौतिकी, रसायनशास्त्र तथा जीव एवं वनस्पति विज्ञान से संबंधित मूलभूत जानकारी।
छत्तीसगढ़ सामान्य ज्ञान
इस भाग में विशेष रूप से पढ़ें:
- छत्तीसगढ़ का इतिहास
- भूगोल
- राजनैतिक व्यवस्था
- अर्थव्यवस्था
- शासकीय योजनाएं
- पुरातत्व
- पुरस्कार
- पारंपरिक लोककला
- महत्वपूर्ण व्यक्तित्व
- छत्तीसगढ़ से संबंधित अन्य महत्वपूर्ण विषय
नई शिक्षा नीति 2020
सामान्य ज्ञान के पाठ्यक्रम में नई शिक्षा नीति 2020 – भाग I, स्कूल शिक्षा भी शामिल है।
CG Assistant Teacher Syllabus 2026 की तैयारी कैसे करें?
पूरे पाठ्यक्रम को देखने के बाद तैयारी को केवल विषयवार पढ़ने के बजाय तीन हिस्सों में बांटना ज्यादा व्यावहारिक हो सकता है।
पहला चरण: मजबूत आधार बनाएं
सबसे पहले हिंदी, गणित, बाल विकास एवं शिक्षा शास्त्र और सामान्य ज्ञान के मूल topics पूरे करें। इन चारों विषयों में पाठ्यक्रम का बड़ा हिस्सा आता है।
दूसरा चरण: Language और Pedagogy पर ध्यान दें
हिंदी और अंग्रेजी में grammar के साथ language development और pedagogy वाले topics को नजरअंदाज न करें। इसी तरह बाल विकास एवं शिक्षा शास्त्र में केवल definitions याद करने के बजाय concepts को समझना अधिक उपयोगी रहेगा।
तीसरा चरण: Practice और Revision
गणित और सामान्य मानसिक योग्यता में रोज प्रश्न हल करने की आदत बनाएं। कंप्यूटर और सामान्य ज्ञान के topics को छोटे-छोटे हिस्सों में बांटकर revision करें।
सबसे ज्यादा अंक वाले विषय कौन से हैं?
पाठ्यक्रम के अंक विभाजन के आधार पर पांच विषय 15-15 अंकों के हैं:
- हिंदी
- गणित
- बाल विकास एवं शिक्षा शास्त्र
- सामान्य मानसिक योग्यता
- सामान्य ज्ञान
इन पांचों को मिलाकर 75 अंक होते हैं। इसलिए तैयारी का एक बड़ा हिस्सा इन विषयों पर केंद्रित करना समझदारी होगी। वहीं अंग्रेजी और पर्यावरण अध्ययन के 10-10 तथा कंप्यूटर शिक्षा के 5 अंक भी कुल स्कोर में महत्वपूर्ण योगदान देते हैं।
निष्कर्ष
CG Assistant Teacher परीक्षा का पाठ्यक्रम केवल सामान्य विषयों तक सीमित नहीं है। इसमें विषय ज्ञान के साथ शिक्षण-पद्धति, बाल विकास, भाषा विकास, मानसिक योग्यता, कंप्यूटर और छत्तीसगढ़ सामान्य ज्ञान को भी शामिल किया गया है।
इसलिए तैयारी करते समय केवल किताबें पढ़ना पर्याप्त नहीं होगा। पाठ्यक्रम की प्रत्येक इकाई को checklist की तरह पूरा करना, कमजोर topics की अलग से practice करना और नियमित revision करना ज्यादा प्रभावी तरीका रहेगा।
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- Written & Reviewed by: Yuvraj Pratap Rajwade
- Last Updated: 31 August 2026
- Source: Official Website
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